पत्रकार किरण घुंबरे पर हमले के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
वॉइस ऑफ मीडिया के प्रयासों को मिली सफलता, 9 अक्टूबर को ज्ञापन देने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पाथरी, प्रतिनिधि। पत्रकार किरण नागोराव घुंबरे पर कथित हमले के मामले में पाथरी पुलिस ने स्वराज प्रल्हाद घुंबरे और अमोल किशोर घुंबरे, दोनों निवासी वाघाला, तहसील पाथरी, जिला परभणी, के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वॉइनीचे दिए गए प्रेस नोट को एक पेशेवर समाचार लेख में बदलें। समाचार पूरी तरह मराठी भाषा में होना चाहिए। लेख पत्रकारिता की शैली में लिखा जाए और पैराग्राफ फॉर्मेट में हो ताकि इसे सीधे समाचार पत्र या वेबसाइट पर प्रकाशित किया जा सके।
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भाषा सरल, शुद्ध और पेशेवर मराठी होनी चाहिए। किसी भी प्रकार के इमोजी, चिन्ह या अनावश्यक सजावट का उपयोग न किया जाए। समाचार तथ्यात्मक और स्पष्ट होना चाहिए।
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English URL Slug हुए हमले के विरोध में 9 अक्टूबर 2026 को तहसीलदार, पाथरी पुलिस थाने और उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद 10 अक्टूबर को मामला दर्ज किए जाने से संगठन के प्रयासों को सफलता मिलने की बात पत्रकारिता जगत में कही जा रही है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को चाटेपिंपलगांव फाटे के पास यह घटना हुई। पत्रकार किरण घुंबरे ने आरोप लगाया है कि दैनिक समाचार पत्र लोकसमीक्षा में उनके खिलाफ खबर प्रकाशित होने से नाराज होकर स्वराज प्रल्हाद घुंबरे ने उनके साथ गाली-गलौज की और हेलमेट से सिर पर तथा लोहे की छड़ से कमर और पीठ पर हमला किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अमोल किशोर घुंबरे ने थप्पड़ और लात-घूंसों से मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के आधार पर पाथरी पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 580/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 118(1), 115(2), 352, 351(2) और 3(5) के साथ ही महाराष्ट्र प्रसार माध्यम व्यक्ति और प्रसार माध्यम संस्था (हिंसा एवं संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकथाम) अधिनियम, 2017 की धारा 4 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जांच सेलू के उपविभागीय पुलिस अधिकारी श्री वाघमारे को सौंपी गई है। वहीं, पाथरी के पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण केंद्रे ने घटनास्थल का दौरा किया। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी।
पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में
समाचार प्रकाशित करने के कारण पत्रकार के साथ मारपीट किए जाने के आरोप ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पत्रकार जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का कार्य करते हैं। ऐसे में उन्हें बिना किसी दबाव, धमकी या हिंसा के अपना काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
किरण घुंबरे पर कथित हमले के विरोध में वॉइस ऑफ मीडिया ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। संगठन के इस प्रयास के बाद मामला दर्ज होने से पत्रकारों के बीच संतोष व्यक्त किया जा रहा है। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई जा रही है।
पत्रकारों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए केवल मामले दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना भी आवश्यक है।

