Buldhana: 28 सितंबर को मनाया जाएगा सूचना अधिकार दिवस, सरकारी सूचना व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी ध्यान जरूरी
बुलढाणा जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में होंगे जनजागरूकता कार्यक्रम, नागरिकों और पत्रकारों को सूचना के अधिकार के प्रभावी उपयोग की जानकारी देने की तैयारी
बुलढाणा, 24 सितंबर। नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के बारे में जानकारी देने तथा सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से 28 सितंबर 2026 को जिले में ‘सूचना अधिकार दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में सूचना के अधिकार को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को सूचना का अधिकार, सूचना प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया, आवेदन पर होने वाली कार्रवाई, सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा अधिनियम के तहत नागरिकों को प्राप्त अधिकारों के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से सूचना अधिकार दिवस के कार्यक्रमों की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय समाचार पत्रों, प्रसार माध्यमों तथा अन्य उपलब्ध माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी आह्वान किया गया है।
इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय की सूचना अधिकार शाखा की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। नागरिकों से सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रभावी और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने तथा सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता बढ़ाने में योगदान देने की अपील की गई है।
हालांकि सूचना का अधिकार नागरिकों को शासन के कामकाज की जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण कानूनी माध्यम उपलब्ध कराता है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी संभव है जब सरकारी कार्यालयों में सूचना आसानी से उपलब्ध हो और आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी स्पष्ट, पूर्ण तथा नियमों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाए। व्यवहार में कई बार नागरिकों और पत्रकारों को जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन से लेकर जवाब मिलने तक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
पत्रकारों के लिए यह विषय और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनहित से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग के लिए सरकारी योजनाओं, खर्च, निविदाओं, कार्यादेशों, प्रशासनिक निर्णयों, अधिकारियों की जिम्मेदारियों और विभिन्न शासकीय कार्यों से संबंधित प्रमाणित जानकारी आवश्यक होती है। यदि संबंधित जानकारी पहले से सार्वजनिक रूप से स्पष्ट और अद्यतन रूप में उपलब्ध हो, तो नागरिकों और पत्रकारों दोनों के लिए सरकारी कामकाज को समझना आसान हो सकता है।
आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी के स्वरूप को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। नागरिकों द्वारा मांगी गई जानकारी यदि अस्पष्ट, अपूर्ण अथवा ऐसे स्वरूप में उपलब्ध कराई जाती है जिसे समझना कठिन हो, तो सूचना के अधिकार का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए केवल आरटीआई आवेदन स्वीकार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराना भी पारदर्शी प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मलकापुर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नागरिक और पत्रकार समय-समय पर सरकारी कार्यालयों से सार्वजनिक हित से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआई का उपयोग करते हैं। ऐसे में सूचना अधिकार दिवस केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर इस बात पर भी केंद्रित होना चाहिए कि सरकारी कार्यालयों में सूचना का स्वप्रकाशन कितना प्रभावी है और नागरिकों को सामान्य जानकारी प्राप्त करने के लिए बार-बार आरटीआई आवेदन करने की आवश्यकता क्यों पड़ती है।
सूचना अधिकार दिवस के अवसर पर प्रशासन द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का संदेश दिया जा रहा है। ऐसे में नागरिकों और पत्रकारों की अपेक्षा है कि सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण सूचनाएं नियमित रूप से सार्वजनिक की जाएं, विभागीय अधिकारियों और संबंधित रिकॉर्ड की अद्यतन जानकारी उपलब्ध रहे तथा आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना समय पर, स्पष्ट और नियमों के अनुसार प्रदान की जाए।
सूचना का अधिकार केवल एक आवेदन करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों को शासन के कामकाज को जानने और जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछने का कानूनी अधिकार है। इसलिए सूचना अधिकार दिवस की सार्थकता इसी में है कि सरकारी सूचना व्यवस्था अधिक पारदर्शी बने और नागरिकों तथा पत्रकारों को आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी कार्यालय की सूचना अधिकार शाखा ने नागरिकों से सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रभावी और जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता को मजबूत करने में सहयोग देने का आह्वान किया है।

