दिनांक 6 जून 2026, शनिवार को रावेर शहर (शौकत मैदान इमामबाड़ा) में मरहूम सैयद फारूक साहब (संपादक, गुलबूटे) तथा मशहूर एवं प्रतिष्ठित शायर मरहूम डॉ. बशीर बद्र साहब की याद में एक शोक एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मोहम्मद औसाफ शेख एजाज़ुद्दीन द्वारा पवित्र कुरआन के पाठ से हुई, जबकि नात-ए-रसूल हज़रत लुकमान महमूद रावेरी ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रावेर शहर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं साहित्यिक हस्ती एडवोकेट सैयद शेर अफ़ग़न साहब ने की। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में जनाब तनवीर रज़ा बरकाती (बुरहानपुर), जनाब वसीम अकील शाह (जलगांव), प्राचार्य शकील खान नसीर खान सर तथा जनाब शेख सादिक सर के अलावा जनाब आरिफ भाई उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सत्र में जनाब सादिक सर ने मरहूम सैयद फारूक साहब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। वहीं प्रसिद्ध कथाकार जनाब वसीम अकील शाह साहब ने दोनों दिवंगत साहित्यकारों की शैक्षणिक एवं साहित्यिक उपलब्धियों से श्रोताओं को अवगत कराया। इसके पश्चात बुरहानपुर शहर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक, साहित्यिक एवं सामाजिक हस्ती जनाब तनवीर रज़ा बरकाती साहब ने अपनी विशिष्ट शैली में मरहूम सैयद फारूक साहब के व्यक्तित्व तथा उनकी साहित्यिक सेवाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में रावेर शहर के कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इनमें जाबिर रावेरी, अतीक मिर्ज़ा रसूलपुरी, रशीद रावेरी, लुकमान महमूद रावेरी तथा साहिर नुसरत रावेरी के नाम प्रमुख हैं।
कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष जनाब सैयद शेर अफ़ग़न साहब ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उर्दू साहित्य की महत्ता, उपयोगिता एवं वर्तमान समय में उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस सफल आयोजन के लिए मशाल-ए-हिंद फाउंडेशन के सदस्यों ने विशेष परिश्रम किया, जिनमें अंसार सर, एजाज़ सर, सैयद मुज़फ्फर अली, निसार भाई, एडवोकेट मुजाहिद शेख, जाबिर भाई, शाहनवाज़ सर, सुल्तान भाई, डॉ. कामिल अहमद, वाजिद भाई, वसीम भाई, मुजाहिद मेंबर, कामिल भाई आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।
कार्यक्रम का संचालन जनाब आसिफ़ फ़राज़ रावेरी ने अत्यंत सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से किया।
