12 दिनों से जल आपूर्ति ठप, वार्ड क्रमांक 9 के ईदगाह प्लॉट इलाके में गहराया पानी संकट
शहर के वार्ड क्रमांक 9 स्थित ईदगाह प्लॉट इलाके में पिछले 12 दिनों से नलों में पानी नहीं आने के कारण गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है। लगातार बाधित जल आपूर्ति के चलते क्षेत्र के अनेक घरों में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं है, जिससे नागरिकों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में पानी की कमी ने स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना दिया है, वहीं दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी लोगों के लिए कठिन हो गया है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, लंबे समय से पानी न आने के कारण उन्हें महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जबकि कई परिवार आर्थिक रूप से ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हालात में रफीक सैड बर्तन वालों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मानवीय पहल की और तत्काल पानी का टैंकर उपलब्ध करवाया। इस दौरान क्षेत्र के प्रत्येक घर में लगभग 200 लीटर पानी की टंकी भरवाकर दी गई, जिससे प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत मिली।
नागरिकों ने इस त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में किया गया यह कार्य सराहनीय है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वार्ड क्रमांक 9 में जल आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारू किया जाए, ताकि नागरिकों को बार-बार ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े और स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।

इस बीच, वार्ड क्रमांक 9 के ईदगाह प्लॉट क्षेत्र के निवासी पिछले दो से तीन महीनों से लगातार पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिसने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनेक्शन उपलब्ध होने के बावजूद नलों में पानी नहीं आता, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है। नगर पालिका द्वारा पाइपलाइन कार्य की शुरुआत तो की गई, लेकिन केवल एक गड्ढा खोदकर काम अधूरा छोड़ देना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। वार्डवासियों को आश्वासन दिया गया था कि जल आपूर्ति शुरू होने से पहले पाइपलाइन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।
स्थिति इतनी खराब है कि सप्लाई शुरू होने के बाद भी कई घरों तक पानी नहीं पहुंचता और नलों से केवल हवा या बुलबुले निकलते हैं, जिससे नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आम जनता का सवाल है कि जब बुनियादी सुविधा जैसे पेयजल की व्यवस्था ही सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो फिर ऐसे अधूरे कार्यों और खोखले वादों का क्या औचित्य है। लगातार तीन महीनों से परेशान नागरिक अब नगर पालिका से जवाबदेही तय करने, अधूरे कार्यों को तत्काल पूर्ण करने और जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें बार-बार इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
