Top 5 This Week

Related Posts

RBI Rate Cut: ब्याज दर घटा, अब Rs 40 लाख के होम लोन पर EMI में कितनी होगी बचत? जानें कैलकुलेशन | RBI Repo Rate Cut Interest Have Been Reduced know How Much EMI Savings Will Get On Home Loan Of Rs 40 Lakh

RBI Rate Cut: ब्याज दर घटा, अब Rs 40 लाख के होम लोन पर EMI में कितनी होगी बचत? जानें कैलकुलेशन | RBI Repo Rate Cut Interest Have Been Reduced know How Much EMI Savings Will Get On Home Loan Of Rs 40 Lakh

RBI Repo Rate Cut; Home Loan EMI: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को रेपो रेट यानी नीतिगत दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की घोषणा की, जिससे कर्जदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इस फैसले के बाद रेपो रेट 5.25% हो गया और आरबीआई ने अपना ‘न्यूट्रल’ रुख भी बरकरार रखा।

आरबीआई के इस फैसले से होम लोन चुकाने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) कम होने की उम्मीद है। हालांकि, बैंकों द्वारा ब्याज दर कटौती की घोषणा के बाद ही कमी स्पष्ट होगी, पर इसी अनुपात में बदलाव की उम्मीद है। अगर आपने होम लोन लिया है तो चलिए पूरा कैलकुलेशन जानते हैं कि 40 लाख रुपये के होम लोन पर कितने रुपये की बचत होगी…

40 लाख के होम लोन पर EMI में कितनी बचत होगी?

मान लीजिए आपने 40 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए 9% वार्षिक ब्याज दर पर लिया है। ऐसे में आपकी मासिक ईएमआई लगभग 35,989 रुपये होगी और 20 साल में कुल ब्याज भुगतान 46,37,369 रुपये होगा। ऐसे में मूलधन सहित आपको कुल 86,37,369 रुपये चुकाने होंगे।

RBI Repo Rate Home Loan EMI

अगर बैंक भी ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की कमी करता है, तो आपकी वार्षिक ब्याज दर 9% से घटकर 8.75% हो जाएगी। इस नई दर पर मासिक ईएमआई 35,348 रुपये होगी, जिससे आपको हर महीने 641 रुपये कम देने होंगे। 20 साल में आपका कुल ब्याज भुगतान 44,83,623 रुपये रहेगा, जिससे पूरे लोन पर आपकी कुल बचत लगभग 1,53,746 रुपये होगी। बता दें कि यह कैलकुलेशन भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कैलकुलेटर पर आधारित है।

बता दें कि जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंक ग्राहकों को ईएमआई घटाने या लोन की अवधि (टेन्योर) कम करने का विकल्प देते हैं। यदि आप ईएमआई कम करने के बजाय लोन की अवधि घटाते हैं, तो ऋण जल्दी समाप्त होता है, जिससे कुल ब्याज भुगतान में कमी आती है और आप लंबी अवधि में अधिक बचत कर पाते हैं।

सिर्फ आरबीआई के रेपो रेट घटाने से वाणिज्यिक बैंकों की ब्याज दरें अपने आप कम नहीं होतीं। हालांकि, आजकल अधिकांश बैंकों के फ्लोटिंग रेट होम लोन ‘एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट’ (EBLR) से जुड़े होते हैं। यही कारण है कि रेपो रेट में कटौती का सीधा असर होम लोन की ब्याज दरों पर दिखता है।

https://hindi.goodreturns.in/personal-finance/rbi-repo-rate-cut-interest-have-been-reduced-how-much-emi-saving-will-get-on-home-loan-of-rs-40-lakh-116661.html

Popular Articles