महलों का ही नहीं प्राकृतिक चिकित्सा का भी गढ़ है राजस्थान, कहां-कहां हैं सरकारी मान्यता प्राप्त केंद्र? | Rajasthan not only palaces but also stronghold of naturopathy, know list of government recognized centres
भारतमेंसालोंसेकईतरहकीस्वास्थ्यसेवाएंमौजूदहैं।सबसेज्यादापुरानीऔरविश्वसनीयस्वास्थ्यसेवाओंमेंप्राकृतिकऔरआयुर्वेदिकस्वास्थ्यसेवाएंशामिलहैं।राजस्थानहमेशासेहीअपनेकिलों,गौरवमयइतिहास,राजपुतीशान,संस्कृतिऔरकईऐतिहासिकलड़ाईयोंकीवजहसेहीजानाजातारहाहै।लेकिनइसकेअलावाभीकाफीकुछहैजोराजस्थानकाअभिन्नहिस्सातोहैलेकिनइनकेबारेमेंबातेंकाफीकमकीजातीहै।
इनमेंहीशामिलहैप्राकृतिकचिकित्सा।राजस्थाननसिर्फमहलोंऔरकिलोंबल्किप्राकृतिकचिकित्साकाभीगढ़है,जहांप्राकृतिकसंसाधनोंऔरतरीकोंसेलोगोंकेशरीरऔरमनकोबेहतरबनानेकाकामबड़ीहीशिद्दतकेसाथकियाजाताहै।

क्याहोतीहैप्राकृतिकचिकित्सा?
प्राकृतिकचिकित्सानसिर्फप्राकृतिकतत्वोंकीवजहसेबल्किलंबेसमयतकमिलनेवालेइनसेअच्छेपरिणामोंकेकारणभीसालोंसेइलाजकाबड़ाहीविश्वसनीयतरीकामानाजातारहाहै।प्राकृतिकचिकित्साकेकईतरहकेउपायजैसेमिट्टीसेस्नान(MudBath),भापलेना(SteamBath),मसाज,जड़ी-बुटियोंसेइलाजऔरऑर्गैनिकभोजनसेशरीरकेसाथ-साथमनऔरआत्मापरभीलंबेसमयतकइसकासकारात्मकप्रभावरहताहै।प्राकृतिकचिकित्साशरीरसेसभीजहरीलेपदार्थोंकोखींचकरबाहरनिकालदेताहै,जिसकीवजहसेआगेचलकरव्यक्तिकेस्वास्थ्यपरबुराअसरपड़सकताहै।
इसकेसाथहीखाने-पीनेपरलगायीजानेवालीकुछपाबंदियांभीइसचिकित्साकाएकहिस्साहै।प्राकृतिकचिकित्साकेदौरानताजेफल,जूस,कच्चीसब्जियां,अंकुरितअनाजआदिकोज्यादासेज्यादाखानेकीसलाहदीजातीहै।अगरइससेभीबातनहींबनतीहै,तोहाईड्रोथेरेपीऔरमसाजआदिकोहल्के-फुल्केएक्सर्साइजऔरध्यानकेसाथजोड़ाजाताहैजोआपकोफुर्तीलाऔरफिटबनानेमेंमददगारहोताहै।

राजस्थानमेंकहां-कहांमौजूदहैसरकारीमान्यताप्राप्तप्राकृतिकचिकित्साकेंद्र?
1.नेशनलइंस्टिट्यूटऑफआयुर्वेद,जयपुर
इसकीस्थापनावर्ष1946मेंहुईथी,यानीहमारेदेशकोआजादीमिलनेसेएकसालपहले।यहप्राकृतिकचिकित्साकेंद्रपटियालामाधवविलासपैलेसमेंमौजूदहै,जहांऔषधियोंके13विभागहैं।इसकेसाथहीयहांएकआयुर्वेदिकअस्पताल-आरोग्यशालाभीमौजूदहै।NABHसेमान्यताप्राप्तइसअस्पतालमें280जनरलऔर11निजीवार्डकीसुविधाकेसाथOPDऔरIPDकीसेवाएंभीमौजूदहैं।
2.डॉ.सर्वपल्लीराधाकृष्णनराजस्थानआयुर्वेदयूनिवर्सिटी,करवार,जोधपुर
DSRRAUजोधपुरअस्पतालमेंIPDकीसेवाओंकेसाथ220बेड,7सुपरडिलक्सऔर2डिलक्सनिजीवार्डकीसुविधाएमौजूदहै।यहचरकाकुटिरमेंमौजूदहै।
3.मदनमोहनमालवीयसरकारीआयुर्वेदकॉलेज,अंबामाता,उदयपुर
उदयपुरमेंमौजूद(MMM)सरकारीआयुर्वेदकॉलेजवअस्पतालमेंभीOPDऔरIPDकीसेवाएंमौजूदहैं,जहांआयुर्वेदिकचिकित्साकीसुविधाएंउपलब्धहै।
4.सरकारीयौगिकचिकित्सावशोधकेंद्र,जयपुर
इसकेंद्रकीस्थापनवर्ष1961मेंकीगयीथी।यहांराजस्थानसरकारकीओरसेडायबीटिज,दमाऔरपेटसेसंबंधितसमस्याओंकाइलाजकियाजाताहै।लेकिनखासबातयहहैकियहांइनचीजोंकाइलाजबिनाकिसीभीतरहकीदवाईकेहोताहै।

साथहीसाथइसकेंद्रमेंयौगिकतरीकोंकीशिक्षाऔरशोधभीकीजातीहै।यहसेंटरमरीजोंमेंबहुतलोकप्रियहैक्योंकियहांअपनाइलाजकरवानेआनेवालेमरीजोंकोमुफ्तमेंठहरनेकीसुविधादीजातीहै।इसलिएयहांजानेसेपहलेहमेशाएडवांसबुकिंगकरवाकरहीजाएं।
5.योगासाधनाआश्रम,बापूनगर,जयपुर
1969मेंस्वामीआनंदनदजीनेइसआश्रमकीस्थापनाकीथीजोचारोंतरफहरियालीसेभराहुआहै।यहजगहमुख्यरूपसेदिलसेजुड़ीबीमारियों,रक्तचापऔरसाइकिकसमस्याओंकेनिदानकेलिएजानाजाताहै।आश्रममें3महीनेकायोगकासर्टिफिकेटकोर्सकरवानेकेसाथही1सालकायोगवप्राकृतिकचिकित्साकाडिप्लोमाकोर्सभीकरवायाजाताहै।यहांहरदिनसुबहऔरशामकेसमययोगकीकक्षाएंहोतीहैं।
6.नेचरकेयरसेंटर,जयपुर
प्राकृतिकचिकित्सालयकेनामसेमशहूरयहसेंटर3एकड़केक्षेत्रमेंफैलाहुआहै।यहांलगभगहरतरहकीसमस्याओंजैसेआर्थराइटिस,दमा,ब्रोंकाइटिस,कोलाइटिस,डायबिटीस,दिलकीबीमारियां,ओबेसिटी,जॉडिंस,लुम्बरस्पॉन्डेलाइटिसआदिकाप्राकृतिकतरीकेसेइलाजकियाजाताहै।
यहांजोभीइलाजहोताहै,वह5प्राकृतिकतत्व-धरती,अग्नि,जल,वायुऔरआकाश,केआधारपरहीहोताहै।इलाजकेदौरानउपवासरखना,सूर्यस्नान,मिट्टीसेस्नान,स्टिमबाथ,वाटरथेरेपी,इलेक्ट्रोथेरेपीआदिकरवायाजाताहै।
7.विपास्सनाधम्माथालीसेंटरफॉरमेडिटेशन
यहगौतमबुद्धकेविपस्सनाचिकित्साप्रणालीपरआधारितहै।यहसेंटर4एकड़केक्षेत्रमेंअरावलीक्षेत्रमेंमौजूदहैजहां150छात्रोंकेलिएध्यानकेंद्र,पगोडाऔरसेलकॉम्प्लेक्समौजूदहै।इससेंटरमेंनएछात्रोंकेलिए10,20,30और45दिनोंकामेडिटेशनकोर्सकरवायाजाताहै।अगरकोईव्यक्तिचाहेतोरिफ्रेशरकोर्सभीकरसकताहै।
8.नवनीतप्राकृतिकयोगचिकित्साधाम,जयपुर
जयपुरसेमहज22किमीकीदूरीपरNH15केपासयहकेंद्रमौजूदहै।यहधामयोगऔरप्राकृतिकचिकित्साकेलिएलोकप्रियहै।इसधामकीदेखरेखकीजिम्मेदारीएकNGOनवनीतचिकित्साअनुसाधनट्रस्टद्वाराकीजातीहै।इसधाममेंएककैंटिनभीमौजूदहै,जहांस्वास्थवर्धकभोजनजैसेअंकुरितअनाज,दाल,शहद,मौसमीफल,दलिया,जूसआदिमिलतेहैं।

9.राजस्थानस्वास्थ्ययोगपरिषद
यहांछात्रोंकोयोगकलाकाप्रशिक्षणदेनेकेसाथहीअभ्यासभीकरवायाजाताहै।इसपरिषदकीस्थापनावर्ष1974मेंकीगयीथी।परिषदके10केंद्रहैं।
10.श्रीमहावीरजीसंस्थान,सवईमाधोपुर
श्रीमहावीरकमेटीद्वाराइससंस्थानकीदेखरेखकीजातीहै।इसकाअपनाइलाजकरनेकावार्डऔरलैबहै।यहांसालभरप्राकृतिकचिकित्साकीसुविधामुहैयाकरवायीजातीहै।
*राजस्थानसरकारकेपर्यटनविभागसेमिलीजानकारीकेआधारपर।
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