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Uttarakhand
oi-Pavan Nautiyal
Uttarakhand
News:
देहरादून-टिहरी-श्रीनगर-गौचर
के
बीच
हेली
सेवा
का
औपचारिक
शुभारंभ
हो
गया
है।
इस
सेवा
के
शुरू
होने
से
न
केवल
पहाड़ी
जिलों
के
लोगों
को
राहत
मिलेगी,
बल्कि
पर्यटन,
चिकित्सा,
व्यापार
और
आपदा
प्रबंधन
जैसे
क्षेत्रों
में
भी
तीव्र
गति
से
कार्रवाई
सुनिश्चित
हो
सकेगी।
मुख्यमंत्री
पुष्कर
सिंह
धामी
का
पहाड़ों
पर
एयर
कनेक्टिविटी
का
संकल्प
अब
तेजी
से
धरातल
पर
उतर
रहा
है।
कुमांऊ
मंडल
के
बाद
अब
गढ़वाल
मंडल
में
भी
हवाई
सेवाओं
का
अध्याय
शुरू
हो
गया
है।
जॉलीग्रांट
एयरपोर्ट
से
गढ़वाल
मंडल
के
प्रमुख
शहर
देहरादून,
टिहरी,
श्रीनगर
और
गौचर
के
लिए
हवाई
सेवा
की
शुरुआत
हुई।

मुख्यमंत्री
पुष्कर
सिंह
धामी
की
पहल
पर
रीजनल
कनेक्टिविटी
स्कीम
(उड़ान)
के
तहत
नई
6-सीटर
हेली
सेवा
की
शुरुआत
की
गई
है,
जो
गढ़वाल
मंडल
के
प्रमुख
शहरों
को
सीधे
राजधानी
से
जोड़ने
का
काम
करेगी।
नई
हेली
सेवा
देहरादून
से
नई
टिहरी
के
कोटी
कॉलोनी
हेलीपैड,
श्रीनगर
और
गोचर
के
लिए
प्रतिदिन
दो
उड़ानें
संचालित
करेगी।
इससे
यात्रा
समय
में
बड़ी
कमी
आएगी
तथा
इन
क्षेत्रों
में
आवागमन
और
सुविधाजनक
होगा।
राज्य
सरकार
का
कहना
है
कि
इन
सेवाओं
से
न
केवल
पहाड़ी
इलाकों
की
कनेक्टिविटी
बेहतर
होगी,
बल्कि
पर्यटन,
रोजगार
और
आपदा
प्रबंधन
के
क्षेत्रों
में
भी
बड़ा
सुधार
देखने
को
मिलेगा।
यात्रा
कर
रहे
यात्रियों
ने
बताया
कि
इस
हेली
सेवा
से
न
केवल
सफर
आसान
हुआ
है,
बल्कि
इससे
पर्यटन
को
बढ़ावा,
स्थानीय
लोगों
के
लिए
तेज़
आवाजाही
और
व्यापारिक
गतिविधियों
को
भी
नई
गति
मिल
रही
है।
6
दिसंबर
सुबह
करीब
10
बजे
देहरादून
एयरपोर्ट
से
हेरिटेज
एविएशन
द्वारा
संचालित
पहली
हेली
ने
उड़ान
भरी।
यह
हेली
टिहरी
झील
क्षेत्र
और
श्रीनगर
के
ऊपर
से
होते
हुए
गौचर
हेलीपैड
पर
उतरी।
पहली
उड़ान
में
कुल
4
यात्री
सवार
थे।
वहीं
वापसी
में
भी
हेली
ने
गौचर
से
4
यात्रियों
को
लेकर
देहरादून
की
ओर
उड़ान
भरी।
बताया
गया
कि
इस
रूट
पर
नियमित
रूप
से
दिन
में
दो
बार
हेली
उड़ान
भरेगी,
जिसके
तहत
पहली
उड़ान
सुबह
लगभग
10
बजे
और
दूसरी
उड़ान
दोपहर
2:30
बजे
देहरादून
से
संचालित
की
जाएगी।
उन्होंने
बताया
कि
श्रीनगर
से
टिहरी
और
गौचर
के
लिए
1000
रुपए
किराया
होगा।
जबकि
श्रीनगर
से
देहरादून
के
लिए
3000
रुपए
प्लस
जीएसटी
देना
होगा।
यात्रियों
की
संख्या
कम
होने
या
किसी
दिन
एक
भी
यात्री
न
मिलने
की
स्थिति
में
भी
हेली
नियमित
रूप
से
उड़ान
भरेगी।
इसका
उद्देश्य
आम
जनता
को
यह
भरोसा
दिलाना
है
कि
यह
सेवा
केवल
औपचारिक
नहीं,
बल्कि
निरंतर
और
विश्वसनीय
रूप
से
उपलब्ध
रहेगी।
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