UPSC Topper AIR 8 Success Story: कौन हैं राज कृष्ण झा? जानिए उनकी इंजीनियर से IAS बनने तक की कहानी | UPSC Topper Success Story: Who is AIR 8 Raj Krishna Jha? Know his story from Engineer to IAS

Advertisement

UPSC Topper AIR 8 Success Story: कौन हैं राज कृष्ण झा? जानिए उनकी इंजीनियर से IAS बनने तक की कहानी | UPSC Topper Success Story: Who is AIR 8 Raj Krishna Jha? Know his story from Engineer to IAS

UPSC Topper Success Story: सुपरस्टार बनकर उभरे बिहार के सितामढ़ी जिले के राज कृष्ण झा, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 8 प्राप्त कर बिहार और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। पांचवें प्रयास में सफलता पाने वाले 27 वर्षीय राज कृष्ण झा की यह यात्रा संघर्ष, सीख और नवाचार से भरपूर रही।

Advertisement
UPSC Topper AIR 8 Success Story: कौन हैं राज कृष्ण झा? जानिए उनकी इंजीनियर से IAS बनने तक की कहानी

कौन हैं राज कृष्ण झा?

राज कृष्ण झा का जन्म बिहार के सीतामढ़ी जिले के अथरी पंचायत में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा नेपाल सीमा के समीप एक स्कूल से हुई, जबकि 12वीं की पढ़ाई बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड से पूरी की। इसके बाद उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT), इलाहाबाद से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने कोल्हापुर स्थित एचपीसीएल की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना में सहायक प्रबंधक के रूप में कार्य किया, लेकिन उनका मन कहीं और था—देश सेवा में। इस उद्देश्य से उन्होंने यूपीएससी की राह पकड़ी।

परीक्षा की रणनीति और चुनौतियां

यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास करना आसान नहीं होता, खासकर जब उम्मीदवार नौकरी कर रहा हो। राज ने दिन के 3–4 घंटे नौकरी के बाद पढ़ाई की और सप्ताहांत तथा छुट्टियों को पूरी तरह अध्ययन के लिए समर्पित कर दिया। रविवार को वे 12–14 घंटे मॉक टेस्ट और उत्तर लेखन अभ्यास में लगाते थे। परीक्षा से एक माह पहले उन्होंने छुट्टी लेकर संपूर्ण तैयारी को समर्पित किया।

राज कृष्ण झा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल किया, खासकर ChatGPT जैसे टूल्स की मदद से निबंध लेखन को निखारने के लिए। उन्होंने लगभग 40-50 निबंध तैयार किए, जिनमें एआई से मिले सुझावों से उन्होंने अपनी लेखन शैली में सुधार किया। यह प्रयोग उन्हें अन्य उम्मीदवारों से अलग बनाता है।

असफलताओं से सीखा और आगे बढ़े

पहले दो प्रयासों में वे प्रीलिम्स परीक्षा में मुश्किल से पास हुए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे और चौथे प्रयास में अनुभव मिला, और पाँचवें प्रयास में उन्होंने खुद को पूरी तरह झोंक दिया। उनका कहना है कि उन्हें इस बार विश्वास था कि वे जरूर सफल होंगे।

प्रेरणास्रोत बनते राज कृष्ण झा

राज कृष्ण झा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि नवाचार, लगन और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने न केवल परंपरागत तरीके अपनाए, बल्कि तकनीकी संसाधनों को भी अपनी तैयारी का हिस्सा बनाकर नया रास्ता दिखाया है।

उनकी कहानी उन लाखों युवाओं को प्रेरणा देती है जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।

https://hindi.careerindia.com/news/upsc-topper-success-story-who-is-air-8-raj-krishna-jha-know-his-story-from-engineer-to-ias-020963.html

Subscribe to Viral News Live