SIR in UP: गलत जानकारी देने पर यूपी में दर्ज हुआ पहला केस, जानिए कौन हैं ये महिला और इसने क्‍या गलती की? | Rampur registers UP’s first case for providing incorrect information in SIR. Who is this woman and what did she do?

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Uttar Pradesh

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oi-Bhavna Pandey


SIR
in
Uttar
Pradesh
:

भारत
निर्वाचन
आयोग
द्वारा
देशव्यापी
SIR
अभियान
(Special
Intensive
Review)
का
राज्यों
में
गंभीरता
और
सख्‍ती
से
पालन
किया
जा
रहा
है।
वर्तमान
समय
में
देश
के
12
राज्‍य,
जहां
पर
अगले
साल
चुनाव
होने
वाले
हैं
वहां
पर
एसआईआर
करवाया
जा
रहा
है।
जिसमें
भाजपा
शासित
उत्‍तर
प्रदेश
भी
शामिल
है।

वहीं
उत्तर
प्रदेश
के
रामपुर
जिले
से
एक
चौंकाने
वाला
मामला
सामने
आया
है,
जिसमें
महिला
द्वारा
गलत
जानकारी
दिए
जाने
पर
उसके
खिलाफ
मामला
दर्ज
किया
गया
है।
एसआईआर
के
तहत
यूपी
में
दर्ज
किया
गया
ये
पहला
मामला
है।
जानिए
आखिर
इस
महिला
ने
ऐसा
क्‍या
किया
जो
इसके
खिलाफ
चुनाव
आयोग
को
लीगल
एक्‍शन
लेना
पड़ा?

SIR

दरअसल,
ये
मामला
यूपी
के
रामपुर
जिले
का
हैं,
यहां
एक
महिला
ने
यहां
एक
महिला
ने
वोटर
लिस्‍ट
से
संबंधित
‘एसआईआर
फॉर्म’
में
अपने
दो
बेटों
की
गलत
जानकारी
भरी,
जो
पिछले
कई
वर्षों
से
दुबई
और
कुवैत
जैसे
विदेशों
में
रह
रहे
हैं।

महिला
ने
किया
ये
फर्जीवाड़ा

इस
गंभीर
धोखाधड़ी
में
महिला
ने

सिर्फ
तथ्यों
को
छिपाया,
बल्कि
फॉर्म
पर
फर्जी
हस्ताक्षर
भी
कर
दिए।
यह
फर्जीवाड़ा
उस
समय
उजागर
हुआ
जब
बूथ
लेवल
अधिकारी
(बीएलओ)
द्वारा
इन
एकत्रित
फॉर्मों
का
डिजिटलीकरण
किया
जा
रहा
था।
मामले
की
गंभीरता
को
देखते
हुए,
रामपुर
के
जिलाधिकारी
ने
त्वरित
कार्रवाई
करते
हुए
तीनों
संबंधित
व्यक्तियों
के
खिलाफ
सुसंगत
धाराओं
में
एफआईआर
दर्ज
कराई
है।

sir in up

कौन
हैं
ये
महिला?

जांच
में
यह
जानकारी
सामने
आई
कि
मतदाता
क्रमांक
645
आमिर,
जो
फिलहाल
दुबई
में
रहते
हैं,
और
मतदाता
क्रमांक
648
दानिश,
जो
वर्तमान
में
कुवैत
में
निवासरत
हैं,
के
नाम
पर
गणना
प्रपत्र
भरे
गए
थे।
इन
दोनों
की
मां
नूरजहां
ने
जानबूझकर
वास्तविक
तथ्यों
को
छिपाते
हुए
अनुचित
तरीके
से
उनके
नाम
पर
ये
प्रपत्र
प्रस्तुत
किए
थे,
जो
चुनावी
नियमों
का
स्पष्ट
और
गंभीर
उल्लंघन
है।

क्‍या
बोले
रामपुर
डीएम?

जिलाधिकारी
अजय
कुमार
द्विवेदी
ने
कहा,
“चुनाव
आयोग
के
दिशानिर्देशों
के
तहत
जनपद
की
सभी
विधानसभा
क्षेत्रों
में
पुनरीक्षण
कार्य
पूरी
लगन
के
साथ
चल
रहा
है।
उन्होंने
स्पष्ट
किया
कि
विधानसभा
क्षेत्र-37,
रामपुर
के
भाग
संख्या-248
में
बीएलओ
द्वारा
गणना
प्रपत्र
एकत्र
कर
उनके
डिजिटलीकरण
प्रक्रिया
के
दौरान
ही
इस
अनियमितता
का
पता
चला।

जिलाधिकारी
अजय
कुमार
द्विवेदी
के
सख्त
निर्देशों
पर
सहायक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
ने
तत्काल
संबंधित
पुलिस
थाने
में
एफआईआर
दर्ज
कराई
है।
प्रशासन
ने
इस
मामले
में
कड़ा
रुख
अपनाते
हुए
संकेत
दिए
हैं
कि
चुनावी
प्रक्रिया
की
शुचिता
बनाए
रखने
के
लिए
ऐसी
किसी
भी
प्रकार
की
धोखाधड़ी
या
नियम
उल्लंघन
पर
सख्त
कानूनी
कार्रवाई
की
जाएगी।

भारत
निर्वाचन
आयोग
ने
इस
संदर्भ
में
कुछ
महत्वपूर्ण
दिशा-निर्देश
भी
जारी
किए
हैं।
यदि
किसी
मतदाता
का
नाम
एक
से
अधिक
स्थानों
पर
दर्ज
है,
तो
उसे
केवल
उसी
जगह
गणना
प्रपत्र
भरना
चाहिए
जहां
वह
वास्तव
में
निवास
करता
हो।
अपने
निवास
स्थान
से
भिन्न
किसी
अन्य
स्थान
से
प्रपत्र
भरना,
गलत
जानकारी
देना,
महत्वपूर्ण
तथ्यों
को
छिपाना,
या
दोहरी
प्रविष्टि
बनाए
रखना
निर्वाचन
आयोग
के
नियमों
के
तहत
एक
दंडनीय
अपराध
है।

ऐसे
सभी
मामलों
में,
संबंधित
व्यक्तियों
के
विरुद्ध
नियम-संगत
और
कठोर
विधिक
कार्रवाई
की
जाएगी।
ऐसे
लोग
या
उनके
परिवार
के
सदस्य,
जिन्होंने
दो
स्थानों
से
गणना
प्रपत्र
भरे
हैं
जबकि
वे
सामान्यतः
वहां
नहीं
रहते,
उनके
लिए
‘रोलबैक’
का
विकल्प
उपलब्ध
है।
ऐसे
मतदाता
अपने
बीएलओ
से
संपर्क
करके
अपनी
प्रविष्टि
में
तत्काल
सुधार
करा
सकते
हैं।
इसके
उपरांत
भी
यदि
कोई
व्यक्ति
ऐसी
त्रुटि
दोहराता
है
या
मामला
प्रशासन
के
संज्ञान
में
आता
है,
तो
उनके
विरुद्ध
संबंधित
नियमों
के
तहत
कठोर
एवं
अपरिहार्य
कानूनी
कार्रवाई
सुनिश्चित
की
जाएगी।

DM
ने
नागरिकों
से
गलत
जानकारी
ना
देने
की
अपील
की

रामपुर
के
जिलाधिकारी
अजय
कुमार
द्विवेदी
ने
जनपद
के
सभी
मतदाताओं
से
एक
भावुक
अपील
भी
की
है।
उन्होंने
कहा,
“विशेष
प्रगाढ़
पुनरीक्षण
की
पवित्रता,
पारदर्शिता
एवं
निष्पक्षता
बनाए
रखने
के
लिए
जनपद
के
सभी
मतदाताओं
से
अपील
है
कि
वे
अपनी
सभी
जानकारी
सत्य,
सटीक
तथा
अद्यतन
प्रस्तुत
करें।
किसी
भी
प्रकार
की
गलत
प्रविष्टि,
तथ्य
छिपाने
या
अनुचित
विवरण
देने
से
पूर्णतः
बचें।”

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