RBI MPC Outcome: रेपो रेट में 25 पॉइंट की कटौती, गवर्नर संजय मल्होत्रा ने किया ऐलान; Home लोन होंगे सस्ते | RBI MPC Meeting Outcome Governor Sanjay Malhotra Announce Repo Rate Cut 25 bps Check Home Loan Car Loan EMI Impact
RBI MPC Meeting Outcome: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की दिसंबर मीटिंग के फैसलों की घोषणा शुक्रवार को सुबह 10 बजे की गई। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फैसलों की जानकारी देते हुए रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का ऐलान किया। इसके साथ रेट रेट घटकर 5.25 फीसदी पर आ गई। इससे बैंकों के लिए कर्ज लेना सस्ता हो जाएगा। MPC ने रुख न्यूट्रल रखा है।

बता दें कि रेपो रेट कट GoodReturns के करीब 50 इकोनॉमिस्ट के एक्सक्लूसिव पोल के मुताबिक है, जिसमें पॉलिसी के नतीजों के बारे में सही अनुमान लगाया गया था। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मजबूत वृद्धि और महंगाई में नरमी से नीतिगत ब्याज दर में कटौती की गुंजाइश बनी है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आम सहमति से रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कमी का फैसला किया। समिति ने तय किया कि आगे भी पॉलिसी स्टांस ‘न्यूट्रल’ ही रहेगा, ताकि संतुलन बना रहे।
GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया
RBI ने मौद्रिक नीति बैठक में FY26 के लिए GDP ग्रोथ एस्टीमेट 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। तिमाही-दर-तिमाही नए अनुमान…
- Q3 FY26: अब 7% (पहले 6.4%)
- Q4 FY26: अब 6.5% (पहले 6.2%)
- Q1 FY27: अब 6.7% (पहले 6.4%)
- Q2 FY27: अनुमानित 6.8%
RBI ने घटाया FY26 का महंगाई का अनुमान
RBI ने मौद्रिक नीति बैठक में FY26 के लिए CPI महंगाई का अनुमान 2.6% से घटाकर 2% कर दिया है। तिमाही-दर-तिमाही अनुमान…
- Q3 FY26: अब 0.6% (पहले 1.8%)
- Q4 FY26: अब 2.9% (पहले 4%)
- Q1 FY27: अब 3.9% (पहले 4.5%)
- Q2 FY27: अनुमानित 4%
RBI MPC Meet 2025: रेपो रेट घटने पर लोन होंगे सस्ते
RBI के रेपो रेट में कटौती के बाद लोन की EMI घट सकती है। रेपो रेट वह रेट है जिस पर बैंक, RBI से कर्ज लेते हैं। खुद के लिए कर्ज सस्ता होने का फायदा वह ग्राहकों तक भी पहुंचाते हैं। वहीं FD पर ब्याज दरें घट सकती हैं। इसकी वजह है कि रेपो रेट घटने से बैंकों को लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए FD को आकर्षक बनाने की जरूरत नहीं रहती।
ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि RBI का रेपो रेट में 25 bps की कटौती का फैसला भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक खास पॉजिटिव बात है, क्योंकि हम 2025 के आखिर में हैं। इस साल पहले की आसान दरों के बाद, यह कदम घर खरीदने वालों के लिए वैल्यू प्रपोज़िशन को और बेहतर बनाता है, खासकर किफायती और मिड-इनकम सेगमेंट में, जो ब्याज दर में उतार-चढ़ाव के प्रति बहुत सेंसिटिव होते हैं।
ANAROCK रिसर्च के अनुसार, 2025 में टॉप 7 शहरों में घरों की औसत कीमतों में डबल-डिजिट (लगभग 10%) की बढ़ोतरी हुई है, यह रेट कट अफोर्डेबिलिटी के लिए एक अहम सहारा देता है, जिससे होम लोन की ब्याज दरें और भी आकर्षक लेवल पर आ सकती हैं। यह उन घर खरीदने वालों को हिम्मत दे सकता है जिन्होंने कीमतों में बढ़ोतरी के कारण अपने फैसले रोक दिए थे, ताकि वे आखिरकार यह कदम उठा सकें। रेट कट साल के आखिर में होने वाली बिक्री के लिए एक खास सेंटिमेंट मल्टीप्लायर है।
RBI गवर्नर की बड़ी बातें
संजय मल्होत्रा ने कहा कि दिसंबर में OMO खरीद में 1 लाख करोड़ रुपये और $5 बिलियन का तीन साल का USD/INR स्वैप किया जाएगा। उन्होंने MPC ने न्यूट्रल रुख बनाए रखा है, जो भविष्य के एक्शन के लिए फ्लेक्सिबिलिटी का संकेत देता है। गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि इस साल की पहली छमाही में महंगाई सिर्फ 2.2% रही और ग्रोथ 8% तक पहुंची। इसे उन्होंने एक दुर्लभ “गोल्डीलॉक्स पीरियड” बताया, यानी ऐसा समय जब ग्रोथ मजबूत हो और महंगाई काबू में रहे।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महत्वपूर्ण आंकड़े चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में तेजी के संकेत दे रहे हैं। कृषि में बेहतर संभावनाएं, GST को तर्कसंगत बनाने के कदम, कंपनियों के बेहतर बही-खाते जैसे फैक्टर आर्थिक गतिविधियों को सपोर्ट देते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि Q2 में कोर इन्फ्लेशन कम हुआ है और कीमती मेटल की कीमतों में गिरावट से और मदद मिलने की उम्मीद है। पूरे साल के लिए CPI इन्फ्लेशन 2% रहने का अनुमान है, जो अक्टूबर के अनुमान से कम है। घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, जिसे मजबूत ग्रामीण मांग और शहरी इलाकों में लगातार रिकवरी का सपोर्ट मिला है।
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