Quinton De Kock Love Story: चीयरलीडर बनीं जीवनसाथी, खूबसूरती में ऐश्वर्या को मात देती हैं डी कॉक की पत्नी | Quinton de Kock’s romantic love story with his wife Sasha Hurly, who he first met when she was a cheerleader during a match.

Advertisement

Cricket

Advertisement

oi-Naveen Sharma


Quinton
De
Kock
Love
Story
:
दक्षिण
अफ्रीका
के
विस्फोटक
सलामी
बल्लेबाज
क्विंटन
डी
कॉक
जितने
शांत
और
आक्रामक
मैदान
पर
दिखते
हैं,
उनकी
निजी
जिंदगी
उतनी
ही
फिल्मी
है।
डी
कॉक
और
उनकी
खूबसूरत
पत्नी
साशा
हर्ली
(Sasha
Hurly)
की
लव
स्टोरी
काफी
दिलचस्प
है।

उनकी
यह
कहानी
साबित
करती
है
कि
कई
बार
खेल
का
मैदान
सिर्फ
जीत-हार
का
नहीं,
बल्कि
ज़िंदगी
के
सबसे
ख़ूबसूरत
रिश्तों
का
भी
गवाह
बनता
है।
दोनों
की
मुलाक़ात
भी
क्रिकेट
मैच
के
बाद
हुई
थी।

Quinton de Kock


पहला
मैच
जिसने
बदल
दी
ज़िंदगी

क्विंटन
डी
कॉक
और
साशा
हर्ली
की
पहली
मुलाकात
साल
2012
में
हुई
थी।
उस
समय
डी
कॉक
दक्षिण
अफ्रीका
की
घरेलू
टीम
लायंस
के
लिए
एक
टी20
मैच
खेल
रहे
थे।
इस
मैच
के
दौरान
साशा
हर्ली
एक
चीयरलीडर
के
तौर
पर
मैदान
पर
मौजूद
थीं।

डी
कॉक
ने
मैच
में
शानदार
प्रदर्शन
किया,
जिसके
बाद
साशा
ने
उन्हें
बधाई
देने
के
लिए
फेसबुक
पर
मैसेज
किया।
बस
यहीं
से
उनकी
दोस्ती
की
शुरुआत
हुई,
जो
धीरे-धीरे
प्यार
में
बदल
गई।
साशा
ने
एक
इंटरव्यू
में
बताया
था
कि
डी
कॉक
की
सादगी
और
शांत
स्वभाव
ने
उन्हें
सबसे
ज़्यादा
आकर्षित
किया।


शादी
और
फैमिली

कुछ
सालों
तक
डेटिंग
करने
के
बाद,
इस
कपल
ने
अपने
रिश्ते
को
अगला
कदम
दिया।
साल
2016
में,
क्विंटन
डी
कॉक
और
साशा
हर्ली
ने
अपने
दोस्तों
और
परिवार
की
मौजूदगी
में
एक
निजी
समारोह
में
शादी
कर
ली।
उनकी
शादी
एक
सुंदर
बीच
वेडिंग
थी,
जिसकी
तस्वीरें
सोशल
मीडिया
पर
खूब
वायरल
हुई
थीं।

यह
कपल
अब
एक
खूबसूरत
बेटी
का
माता-पिता
भी
बन
चुका
है।
साशा
हर्ली
को
अक्सर
आईपीएल
और
अंतरराष्ट्रीय
मैचों
के
दौरान
डी
कॉक
को
सपोर्ट
करते
हुए
देखा
जाता
है।
वह
डी
कॉक
के
हर
उतार-चढ़ाव
में
उनकी
सबसे
बड़ी
समर्थक
बनकर
खड़ी
रही
हैं।


साशा
का
डी
कॉक
के
करियर
में
योगदान

साशा
हर्ली

केवल
डी
कॉक
की
पत्नी
हैं,
बल्कि
उनकी
सबसे
बड़ी
प्रेरणा
भी
हैं।
डी
कॉक
ने
कई
बार
सार्वजनिक
तौर
पर
कहा
है
कि
साशा
ने
उनके
जीवन
में
संतुलन
लाया
है।
खासकर
तब,
जब
डी
कॉक
ने
टेस्ट
क्रिकेट
से
अचानक
संन्यास
लेने
जैसा
बड़ा
फैसला
लिया
था।
साशा
ने
हर
बड़े
फैसले
में
उनका
साथ
दिया,
जिससे
डी
कॉक
मानसिक
रूप
से
मजबूत
होकर
सीमित
ओवरों
के
क्रिकेट
पर
और
ज़्यादा
ध्यान
केंद्रित
कर
सके।

Source link

Subscribe to Viral News Live