Indigo crisis: अब 15,000 से ज्यादा नहीं होगा फ्लाइट का किराया, जानें दिल्ली-मुंबई या बेंगलुरु का मैक्सिमम फेयर | indigo crisis flight ticket fare cap new regulation modi government action high airfare loot ministry

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India

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oi-Sumit Jha


Indigo
crisis:

इंडिगो
एयरलाइन
के
बड़े
ऑपरेशनल
संकट
के
कारण
कुछ
एयरलाइनों
द्वारा
यात्रियों
से
अत्यधिक
हवाई
किराया
वसूले
जाने
की
शिकायतों
पर
नागरिक
उड्डयन
मंत्रालय
ने
कड़ा
रुख
अपनाया
है।
मंत्रालय
ने
अपनी
नियामक
शक्तियों
का
उपयोग
करते
हुए
सभी
प्रभावित
रूटों
पर
तत्काल
Fare
Cap
लागू
कर
दिया
है।

इसका
मुख्य
उद्देश्य
बाजार
में
अनुशासन
बनाए
रखना
और
संकट
की
इस
घड़ी
में
बुजुर्गों,
छात्रों
और
मरीजों
जैसे
नागरिकों
का
वित्तीय
शोषण
रोकना
है।

Indigo crisis

Airfare
cap:
मनमानी
कीमत
वसूलने
पर
मंत्रालय
का
सख्त
निर्देश

नागरिक
उड्डयन
मंत्रालय
ने
एयरलाइनों
द्वारा
मनमानी
कीमत
वसूलने
की
गंभीर
शिकायतों
का
तुरंत
संज्ञान
लिया
है।
जारी
आधिकारिक
निर्देश
में
स्पष्ट
रूप
से
कहा
गया
है
कि
सभी
एयरलाइनों
को
नई
निर्धारित
किराया
सीमाओं
का
कड़ाई
से
पालन
करना
होगा।
यह
निर्देश
मुख्य
रूप
से
उन
रूटों
पर
लागू
होता
है
जो
इंडिगो
की
उड़ानों
के
रद्द
होने
से
सबसे
अधिक
प्रभावित
हुए
हैं।
मंत्रालय
का
यह
हस्तक्षेप
सुनिश्चित
करता
है
कि
संकट
के
समय
में
एयरलाइंस
अपनी
स्थिति
का
फायदा
उठाकर
यात्रियों
का
शोषण

करें
और
बाजार
में
एक
उचित
मूल्य
निर्धारण
ढांचा
बना
रहे।

15,000
से
ऊपर
एयरफेयर
बंद-यात्रियों
के
लिए
राहत

नागरिक
उड्डयन
मंत्रालय
ने
यात्रियों
के
हित
में
सभी
प्रभावित
रूट्स
पर
न्यायसंगत
और
सीमित
हवाई
किराया
लागू
करने
का
आदेश
दिया
है।
मंत्रालय
ने
स्पष्ट
किया
कि
घरेलू
शेड्यूल
एयरलाइंस
अब
यात्रियों
से
निर्धारित
सीमा
से
अधिक
किराया
नहीं
ले
सकतीं।
इसके
तहत,
500
किलोमीटर
तक
के
रूट
पर
अधिकतम
किराया
7,500
रुपये,
500-1000
किलोमीटर
तक
12,000
रुपये
और
1000-1500
किलोमीटर
तक
15,000
रुपये
निर्धारित
किया
गया
है।
मंत्रालय
ने
चेतावनी
दी
है
कि
नियमों
का
उल्लंघन
करने
वाली
एयरलाइंस
के
खिलाफ
कठोर
नियामकीय
कार्रवाई
की
जाएगी।


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पहुंचा
फ्लाइट
कैंसिलेशन
मामला


flight
high
ticket
price:
घरेलू
यात्रा
विदेश
से
भी
महंगी

इंडिगो
संकट
के
कारण
देश
के
प्रमुख
शहरों
के
बीच
हवाई
किराया
कई
गुना
महंगा
हो
गया
था,
जिससे
घरेलू
यात्रा
का
खर्च
विदेश
यात्रा
से
भी
अधिक
लगने
लगा।
स्थिति
यह
थी
कि
दिल्ली
से
कई
बड़े
शहरों
के
लिए
इकोनॉमी
क्लास
का
किराया
₹60,000
के
पार
पहुँच
गया
था,
जबकि
सामान्य
दिनों
में
यह
₹20,000
के
आसपास
रहता
था।

उदाहरण
के
लिए,
दिल्ली
से
बेंगलुरु
का
किराया
₹88,000
तक
पहुँच
गया
था,
वहीं
दिल्ली
से
चेन्नई
का
टिकट
₹73,000
में
मिल
रहा
था।
इसके
अलावा,
दिल्ली
से
मुंबई
का
किराया
₹45,000
और
दिल्ली
से
पटना
का
किराया
₹40,000
तक
पहुंच
गया
था।
यह
अप्रत्याशित
वृद्धि
यात्रियों
के
लिए
एक
बड़ा
वित्तीय
झटका
थी,
जिसके
बाद
नागरिक
उड्डयन
मंत्रालय
को
किराया
सीमा
(Fare
Cap)
लागू
करने
के
लिए
हस्तक्षेप
करना
पड़ा।


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‘फेयर
कैप’
लागू
करने
का
मुख्य
उद्देश्य

मंत्रालय
द्वारा
किराया
सीमा
लागू
करने
का
प्राथमिक
उद्देश्य
संकट
में
फंसे
यात्रियों
को
वित्तीय
राहत
प्रदान
करना
है।
इस
कदम
का
लक्ष्य
बुजुर्गों,
छात्रों
और
मरीजों
सहित
उन
नागरिकों
की
रक्षा
करना
है
जिन्हें
तत्काल
यात्रा
की
आवश्यकता
है
और
वे
उच्च
किराए
का
भुगतान
करने
में
सक्षम
नहीं
हैं।
‘अवसरवादी
मूल्य
निर्धारण’
(Opportunistic
Pricing)
को
रोकना
ही
इस
नियामक
कार्रवाई
का
मुख्य
केंद्र
है।
मंत्रालय
ने
स्पष्ट
किया
है
कि
यह
कैप
तब
तक
लागू
रहेगी
जब
तक
परिचालन
स्थिति
पूरी
तरह
से
स्थिर
नहीं
हो
जाती
और
बाजार
सामान्य
नहीं
हो
जाता।


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Status
LIVE:
हवाई
किराए
में
मनमानी
पर
सरकार
सख्त,
तय
की
मैक्सिमम
लिमिट


आज
भी
400+
उड़ानें
रद्द,
4
दिन
में
2000
पार

न्यूज
एजेंसी
पीटीआई
के
मुताबिक,
देश
के
चार
बड़े
एयरपोर्ट
समेत
कई
शहरों
से
आज
भी
इंडिगो
की
400
से
ज्यादा
फ्लाइट्स
रद्द
कर
दी
गई
हैं।
पिछले
चार
दिनों
में
रद्द
उड़ानों
की
कुल
संख्या
2,000
से
अधिक
हो
चुकी
है।
इसके
अलावा,
रोजाना
औसतन
500
फ्लाइट्स
लेट
हो
रही
हैं।
दिल्ली,
मुंबई,
बेंगलुरु
और
चेन्नई
एयरपोर्ट्स
पर
रातभर
यात्री
परेशान
रहे,
जिससे
एयरलाइन
का
ऑपरेशनल
संकट
लगातार
गहराता
जा
रहा
है।

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