Britain: खालिस्तानि आतंकियों पर ब्रिटेन की बड़ी कार्रवाई, कंपनियों पर ठोका बैन! संपत्ति भी कर दी फ्रीज | Britain-action-khalistani-groups-freezes-assets-babbar-khalsa-supporters-news-hindi

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oi-Siddharth Purohit

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Britain:

ब्रिटेन
ने
खालिस्तान
समर्थक
आतंकी
संगठन
बब्बर
खालसा
को
मिलने
वाली
फंडिंग
रोकने
के
लिए
पहली
बार
अपनी
‘घरेलू
आतंकवाद-रोधी
व्यवस्था’
(Domestic
Counter-Terrorism
System
)
का
इस्तेमाल
किया
है।
इसके
तहत
एक
ब्रिटिश
सिख
व्यवसायी
और
उनसे
जुड़े
समूह
पर
सीधे
प्रतिबंध
लगाए
गए
हैं।

ट्रेजरी
विभाग
ने
4
दिसंबर
2025
को
की
बड़ी
घोषणा

गुरुवार,
4
दिसंबर
2025
को
ब्रिटेन
के
ट्रेजरी
विभाग
ने
बताया
कि
खेल
निवेश
फर्म
‘पंजाब
वॉरियर्स’
से
जुड़े
गुरप्रीत
सिंह
रेहाल
पर
संपत्ति
फ्रीज़
और
डायरेक्टरशिप
से
अयोग्यता
के
प्रतिबंध
लगाए
गए
हैं।
उन
पर
भारत
में
सक्रिय
आतंकी
संगठनों
से
जुड़े
होने
का
संदेह
है।
साथ
ही
‘बब्बर
अकाली
लहर’
नामक
समूह
की
संपत्तियां
भी
फ्रीज़
कर
दी
गईं
क्योंकि
इस
पर
भी
बब्बर
खालसा
को
सपोर्ट
करने
का
आरोप
है।

Britain

“आतंकवादी
ब्रिटेन
की
वित्तीय
प्रणाली
का
फायदा
नहीं
उठा
पाएंगे”

ट्रेजरी
की
आर्थिक
सचिव
लूसी
रिग्बी
ने
कहा
कि
आतंकवादी
ब्रिटेन
की
मजबूत
फाइनेंशियल
सिस्टम
का
गलत
फायदा
नहीं
उठा
सकते।
उन्होंने
कहा
कि
यह
सख्त
एक्शन
ये
दिखाता
है
कि
यूके
हर
तरह
की
आतंकी
फंडिंग
को
रोकने
के
लिए
पूरी
तरह
तैयार
है।
उन्होंने
कहा
कि
यूके
हिंसा
फैलाने
वालों
के
खिलाफ
हमेशा
शांतिपूर्ण
समुदायों
के
साथ
खड़ा
रहेगा।

रेहाल
आतंकवादी
गतिविधियों
में
शामिल

एचएम
ट्रेजरी
के
अनुसार,
गुरप्रीत
सिंह
रेहाल
बब्बर
खालसा
और
बब्बर
अकाली
लहर
की
गतिविधियों
में
शामिल
पाए
गए
हैं।
इसमें
इन
संगठनों
का
प्रचार
करना,
लोगों
को
भर्ती
करना,
उन्हें
वित्तीय
सेवाएं
देना,
हथियार
और
दूसरी
सैन्य
सामग्री
खरीदने
में
मदद
करना
जैसी
गंभीर
बातें
शामिल
हैं।
ट्रेजरी
ने
कहा
कि
बब्बर
अकाली
लहर
खुद
भी
बब्बर
खालसा
की
आतंकी
गतिविधियों
में
जुड़ी
हुई
है।

गुरप्रीत
सिंह
रेहाल
और
बाकी
संगठनों
की
संपत्ति
फ्रीज़

इस
हफ्ते
उठाए
गए
कदम
के
तहत
रेहाल
और
बब्बर
अकाली
लहर
के
स्वामित्व,
दावेदारी
या
नियंत्रण
वाले
सभी
धन
और
आर्थिक
संसाधनों
को
ब्रिटेन
में
पूरी
तरह
फ्रीज़
कर
दिया
गया
है।
इसका
मतलब
है
कि
अब
कोई
भी
ब्रिटिश
नागरिक
या
संस्था
इनके
साथ
वित्तीय
लेन-देन
नहीं
कर
सकती।
साथ
ही
रेहाल
अब
किसी
भी
कंपनी
में
निदेशक
की
भूमिका
नहीं
निभा
पाएंगे।

पुलिस
और
ट्रेजरी
का
ज्वॉइंट
एक्शन

ब्रिटिश
सरकार
ने
बताया
कि
यह
एक्शन
ट्रेजरी
और
पुलिस
की
संयुक्त
प्लानिंग
का
परिणाम
है।
इसका
मुख्य
उद्देश्य
देश
की
सुरक्षा
को
मजबूत
करना
और
आतंकवाद
से
प्रभावित
लोगों
को
बचाना
है।
सरकार
ने
कहा
कि
वे
इस
मोर्चे
पर
पूरी
तरह
प्रतिबद्ध
हैं।

2019
के
कानून
के
तहत
फ्रीज़िंग

काउंटर-टेररिज्म
(सैंक्शंस)

(EU
Exit)
Regulations
2019

के
तहत
एचएम
ट्रेजरी
को
ऐसे
व्यक्तियों
या
संगठनों
की
संपत्ति
फ्रीज़
करने
का
अधिकार
है
जिन
पर
आतंकवाद
में
शामिल
होने
का
संदेह
हो।
इस
कानून
के
उल्लंघन
पर
सात
साल
तक
की
जेल,
10
लाख
पाउंड
तक
का
जुर्माना
या
उल्लंघन
राशि
का
50%
तक
दंड-जो
भी
ज़्यादा
हो-लग
सकता
है।

#BREAKING: UK sanctions Khalistani terrorist and terror organisation in a rare major action. This is the first use of the Domestic Counter-Terrorism Regime to disrupt funding for Pro-Khalistan group Babbar Khalsa. Reflects deepening UK-India bilateral cooperation. pic.twitter.com/f82IT5fhM1

— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) December 6, 2025 “>

बब्बर
खालसा
पहले
से
ब्रिटेन
में
प्रतिबंधित
संगठन

ट्रेजरी
ने
कहा
कि
बब्बर
खालसा,
जिसे
बब्बर
खालसा
इंटरनेशनल
भी
कहा
जाता
है,
पहले
से
यूके
में
प्रतिबंधित
आतंकी
संगठन
है।
इसके
साथ
जुड़े
होने
के
कारण
बब्बर
अकाली
लहर
को
भी
“रिलेटेड
पर्सन”
माना
गया
और
उन
पर
भी
कार्रवाई
की
गई।

रेहाल
के
सभी
संगठनों
पर
भी
असर

गुरप्रीत
सिंह
रेहाल
पर
लगे
प्रतिबंध
उनके
स्वामित्व
वाले
संगठनों
पर
भी
लागू
रहेंगे।
इनमें
‘सेविंग
पंजाब’,
‘व्हाइटहॉक
कंसल्टेशंस
लिमिटेड’
और
एक
गैर-निगमित
संगठन
‘लोहा
डिज़ाइन्स’
शामिल
हैं।

पंजाब
वॉरियर्स
ने
जून
में
मोरकैम्बे
FC
खरीदा
था

लंदन
स्थित
ग्लोबल
स्पोर्ट्स
इन्वेस्टमेंट
फर्म
‘पंजाब
वॉरियर्स’
ने
इस
साल
जून
में
इंग्लैंड
के
नॉर्थ-वेस्ट
में
स्थित
मोरकैम्बे
फुटबॉल
क्लब
(FC)
का
अधिग्रहण
किया
था।
उस
समय
गुरप्रीत
सिंह
रेहाल
ने
कहा
था
कि
यह
सिर्फ
बिज़नेस
नहीं
बल्कि
शहर
और
क्लब
के
भविष्य
के
प्रति
उनकी
प्रतिबद्धता
है।

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