भारतीय
रेल
कई
नई
कॉरिडोर
पर
वंदे
भारत
एक्सप्रेस
का
संचालन
शुरू
करने
वाली
है।
मीडिया
रिपोर्ट्स
में
किये
गये
दावों
के
अनुसार
इनमें
एक
ओर
जहां
हावड़ा
से
दीघा
के
बीच
नमो
भारत
रैपिड
रेल
(पुरानी
वंदे
मेट्रो)
को
शुरू
करने
के
बारे
में
सोचा
गया
है।
वहीं
दूसरी
ओर
पुणे
से
नई
दिल्ली
के
बीच
वंदे
भारत
स्लीपर
ट्रेन
को
भी
शुरू
करने
की
सुगबुगाहट
तेज
हो
रही
है।
बताया
जाता
है
कि
इस
ट्रेन
के
शुरू
होने
के
बाद
यात्रियों
को
बहुत
सुविधा
होगी
और
पुणे
से
नई
दिल्ली
के
बीच
का
सफर
आराम
के
साथ
कटेगा।

कितना
लगेगा
समय?
पुणे
से
नई
दिल्ली
के
बीच
चलने
वाली
वंदे
भारत
स्लीपर
ट्रेन
आगरा
कैंट
के
रास्ते
जाएगी।
पुणे
से
नई
दिल्ली
(NDLS)
तक
की
लगभग
1589
किलोमीटर
की
दूरी
को
यह
ट्रेन
करीब
20
घंटों
में
तय
करेगी।
यानी
अब
महाराष्ट्र
और
दिल्ली
के
बीच
यात्रा
करने
वालों
के
लिए
एक
नया,
आरामदायक
और
तेज
रफ्तार
विकल्प
उपलब्ध
होगा।
स्टॉपेज
और
स्पीड
Times
Now
की
मीडिया
रिपोर्ट
से
मिली
जानकारी
के
अनुसार
नई
वंदे
भारत
स्लीपर
ट्रेन
पुणे
और
नई
के
बीच
अपने
रूट
पर
कई
प्रमुख
स्टेशनों
पर
रुकेगी।
इनमें
मथुरा,
आगरा
कैंट,
ग्वालियर,
भोपाल
जंक्शन,
खंडवा
और
भुसावल
जंक्शन
शामिल
हैं।
इस
वजह
से
कहा
जा
सकता
है
कि
पुणे
से
नई
दिल्ली
के
बीच
शुरू
होने
वाली
वंदे
भारत
स्लीपर
ट्रेन
सिर्फ
पुणे
या
महाराष्ट्र
ही
नहीं
बल्कि
रास्ते
में
आने
वाले
कई
अन्य
प्रमुख
शहरों
जैसे
उत्तर
प्रदेश
में
मथुरा,
आगरा,
मध्य
प्रदेश
में
ग्वालियर,
भोपाल
आदि
शहरों
के
निवासियों
के
लिए
भी
आवाजाही
का
आरामदायर
और
तेज
रफ्तार
विकल्प
बनकर
उभरने
वाला
है।
कितना
होगा
किराया?
बताया
जाता
है
कि
पुणे
से
नई
दिल्ली
के
बीच
चलने
वाली
वंदे
भारत
स्लीपर
ट्रेन
में
कुल
16
कोच
होंगे।
इनमें
11
एसी
3-टियर
कोच,
4
एसी
2-टियर
कोच
और
1
फर्स्ट
क्लास
एसी
कोच
शामिल
है।
एसी
3-टियर
कोच
का
किराया
लगभग
₹2500,
एसी
2-टियर
कोच
का
किराया
लगभग
₹4000
और
एसी
फर्स्ट
क्लास
का
किराया
लगभग
₹5000
होने
की
उम्मीद
है।
Timing
और
शेड्यूल
वंदे
भारत
स्लीपर
ट्रेन
नई
दिल्ली
रेलवे
स्टेशन
(NDLS)
से
शाम
लगभग
4:30
बजे
खुलेगी
जो
पुणे
जंक्शन
पर
अगले
दिन
दोपहर
1:00
बजे
पहुंचेगी।
वहीं
वापसी
यात्रा
के
लिए,
ट्रेन
पुणे
जंक्शन
से
दोपहर
लगभग
3:00
बजे
रवाना
होगी
और
अगले
दिन
सुबह
11:30
बजे
तक
नई
दिल्ली
पहुंच
जाएगी।
इस
नई
ट्रेन
से
महाराष्ट्र
और
दिल्ली
के
बीच
यात्रा
करने
वाले
यात्रियों
को
बड़ी
राहत
मिलेगी।
अब
वे
रात
को
आराम
से
सो
सकेंगे
और
सुबह
अपनी
मंजिल
पर
तरोताजगी
के
साथ
पहुंच
सकेंगे।
इससे
व्यापारियों
और
पर्यटकों
दोनों
को
फायदा
होगा
जो
अक्सर
इन
दो
प्रमुख
शहरों
के
बीच
काम
के
सिलसिले
में
आवाजाही
करते
रहते
हैं।






