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लाड़की बहन योजना में ई-केवाईसी की तकनीकी गड़बड़ी से पात्र महिलाएं वंचित, अकोला में बढ़ी परेशानी

अकोला (प्रतिनिधि):
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री लाड़की बहन योजना के अंतर्गत नवंबर और दिसंबर माह की किश्तें अब तक प्राप्त न होने से बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएं गंभीर परेशानियों का सामना कर रही हैं। ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद किए गए बदलावों के चलते कई महिलाएं पात्र होने के बावजूद अपात्र घोषित कर दी गई हैं। इसके परिणामस्वरूप पिछले दो सप्ताह से अनेक महिलाएं योजना के आर्थिक लाभ से वंचित हैं, जिससे उनके सामने जीवनयापन की कठिन स्थिति उत्पन्न हो गई है।

इस समस्या को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं अकोला स्थित महिला एवं बाल विकास कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। कार्यालय से उन्हें बताया जा रहा है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी त्रुटियों अथवा जानकारी में हुई गलतियों के कारण उनके नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। इससे महिलाएं आक्रोशित और चिंतित दिखाई दे रही हैं। उनका कहना है कि जब वे योजना के सभी मापदंडों पर खरी उतरती हैं, तो फिर उन्हें लाभ से वंचित क्यों किया गया। भविष्य में उनका क्या होगा और योजना का लाभ दोबारा कैसे मिलेगा, इसे लेकर महिलाओं में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई स्पष्ट या आधिकारिक मार्गदर्शन सामने नहीं आया है।

ई-केवाईसी में आई तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अपात्र ठहराई गई महिलाओं ने राज्य शासन और संबंधित विभाग से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों या गलत जानकारी के चलते वे अपात्र हुई हैं, तो शासन को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए ई-केवाईसी प्रक्रिया पुनः शुरू करनी चाहिए, ताकि पहले हुई त्रुटियों के कारण वंचित रह गई महिलाएं दोबारा पात्र बन सकें और योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

वर्तमान में अकोला के महिला एवं बाल विकास कार्यालय में रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी ई-केवाईसी की स्थिति जानने पहुंच रही हैं। जांच के बाद उन्हें ई-केवाईसी के दौरान हुई गलतियों और तकनीकी समस्याओं की जानकारी दी जा रही है। इस संबंध में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी गिरीश पुसदकर ने बताया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया में आई त्रुटियों के कारण अधिकांश महिलाएं योजना के लाभ से वंचित रह गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन से कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त होने तक इस विषय पर ठोस जानकारी देना संभव नहीं है। हालांकि, जिन महिलाओं को आपत्ति है, वे कार्यालय में लिखित शिकायत आवेदन दे सकती हैं, जिसे आगे वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा।

अकोला जिले के अन्य तालुकों की तरह ही पातूर क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में महिलाएं महिला एवं बाल विकास कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अपात्र घोषित किए जाने और ई-केवाईसी में हुई गड़बड़ियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया में भ्रामक तरीके से विकल्प दिए गए, जिससे उनसे अनजाने में गलतियां हो गईं और वे योजना के लाभ से वंचित रह गईं। महिलाओं ने मांग की कि पूरी ई-केवाईसी प्रक्रिया को नए सिरे से लागू कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाए।

उल्लेखनीय है कि लाड़की बहन योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी का उद्देश्य गलत तरीके से लाभ लेने वालों को छांटना था, लेकिन वास्तविकता में पात्र महिलाएं ही योजना से बाहर हो गई हैं। साथ ही, संबंधित विभाग द्वारा समय पर जनजागृति और सही जानकारी न दिए जाने के कारण भी बड़ी संख्या में महिलाएं अपात्र ठहराई गई हैं, ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण ने शासन की योजना क्रियान्वयन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब प्रभावित महिलाओं को शासन की ओर से ठोस निर्णय की प्रतीक्षा है।

Zafar Khan
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Zafar Khan Athar Khan is the Editor-in-Chief of Viral News Live, a daily newspaper covering news from Buldhana district and across Maharashtra. He is an active journalist committed to public interest reporting, focusing on local governance, crime news, social issues, and matters affecting the common people. He currently serves as the District President of Voice of Media (Urdu Wing) in Buldhana and works to strengthen responsible journalism and raise important public issues through independent media. Contact Information Email: zafar@viralnewslive.in Mobile: +91 9881850730

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